धन के बारे में मेरी जो राय है , उससे आप में से काफी लोग सहमत होंगे। मैंने कई भारतीय एवं विदेशी लेखकों की किताबों को पढ़ा और ऑडियो बुक्स भी सुना। इससे मैं खुद के बारे में एक निष्कर्ष पर पहुँचा। मैंने धन न कमाने और गरीब बने रहने के कई बहाने ढूढ़ रखे थे। जैसे अमीर लोग घमंडी होते है, गरीबो की इज्जत नहीं करते हैं, आध्यात्मिक नहीं होते है। जरुरी नहीं की आपके विचार बिल्कुल मेरे हो। हो सकता है आप गरीब होने का जिम्मेदार ईश्वर को, भाग्य को, पड़ोसी , मित्र, रिश्तेदार आदि को मानते हो। या कुछ ऐसे कारण हो सकते हैं जिनका मैं यहाँ जिक्र न कर पाया हूँ। परन्तु मेरे विचारों को गलत साबित करने में एक बुक ने मेरी मदद की - सीक्रेट्स ऑफ़ द मिलेनिअर माइंड ( टी हार्व एकर द्वारा लिखित ) .
हम अमीर पैदा हो इस बात का चुनाव हम नहीं कर सकते परन्तु हम अमीरी में मरेंगे ये हम तय कर सकते हैं। यूँ कहे तो एक ठीक-ठाक तनख्वाह की नौकरी के बाद भी बैंक बैलेंस न होने और कर्ज में डूबे रहने का बड़ा कारण "धन के बारे में मेरी राय थी ". मुझे यह भी लगता था कि मैं अपनी योग्यता और क्षमता अनुसार धन अर्जित कर रहा हूँ। इससे ज्यादा कमाना मेरे बस की बात नहीं है। ज्यादा रूपये कमाकर क्या करना है , कम खर्चे में जीवनयापन की आदत होनी चाहिए। धन के बारे में मेरे अधिकतर विचार गलत थे। अब मै उस विचार से बाहर निकल चुका हूँ और अमीर बनने के सभी वैध तरीकों से प्रयास कर रहा हूँ। वास्तव में आपको यह साबित करना पड़ता है कि आप अपने द्वारा चाहे चाहे गए धन को पाने के काबिल हैं और उसे संभाल सकते हैं। मै बस यही कहना चाहूँगा कि अगर आपको धन और धन चाहिए जो आपको अमीर बना दे तो सबसे पहले धन के बारे में अपने विचारों को हमेशा सकारात्मक रखिये और खुद से कहिए मुझे बहुत सारा धन चाहिए और मै उनके काबिल हूँ, इस बात को साबित करने के लिए मै तैयार हूँ।
धन के बारे में एक बड़ी खूबसूरत बात है- प्रकृति बहुत ही धनवान है और वह खूब सारा धन बाँटना चाहती है।


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